[ 46 ] चालक में
इलेक्ट्रॉन तभी गमन कर सकता है जब चालक के अनुदिश –
(
A ) विधुत
दाब में कोई अंतर नहीं होता है ( B ) विधुत दाब में अंतर होता है ( C ) विधुत दाब सभी स्थानों पर समान होता है ( D ) विधुत दाब का कोई महत्त्व नहीं है
[ 98 ] किसी चालक में प्रवाहित धारा के लिए ओम का नियम लागू होता है
(
A ) जब
चालक का ताप अचर रहता है ( B ) जब चालक का ताप चर रहता है। ( C ) जब चालक के सिरों के बीच विभवांतर अचर रहता है ( D ) जब चालक के सिरों के बीच विभावंतर चर रहता है।
[ 116 ] बेलनाकार
पात्र में पारे के स्तंभ का प्रतिरोध R है । जब उसी
पारे को दुगुनी त्रिज्या के अन्य बेलनाकार पात्र में डाला जाता है, तो अब पारे
के . स्तंभ का प्रतिरोध होगा
[ 123 ] 3Ωतथा 6Ω प्रतिरोधों
को समांतरक्रम में जोड़ा गया है तथा इस संयोजक को 5V की बैटरी तथा
3Ω प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। 6Ω प्रतिरोध के
सिरों के मध्य विभवांतर होगा
[ 137 ] यदि 60 W तथा 40 W के दो बल्ब
श्रेणीक्रम में जोड़ दिए जाएँ, तो
(
A ) 60 W वाला
बल्ब अधिक प्रकाशित होगा ( B ) 40 W वाला बल्ब अधिक प्रकाशित होगा ( C ) दोनों समान रूप से प्रकाशित होंगे । ( D ) केवल 60 W वाला बल्ब प्रकाशित होगा
[ 139 ] दो चालक तार
जिनके पदार्थ, लम्बाई तथा व्यास समान हैं, किसी
विधुत-परिपथ में पहले श्रेणीक्रम और फिर पार्श्वक्रम में संयोजित किये जाते हैं।
श्रेणीक्रम तथा पार्यक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का अनुपात होगा –
[ 140 ] दो चालक तार
जिनके पदार्थ, लम्बाई तथा व्यास समान हैं, किसी
विधुत-परिपथ में पहले श्रेणीक्रम और फिर पार्श्वक्रम में संयोजित किये जाते हैं।
श्रेणीक्रम तथा पार्यक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का अनुपात होगा –